मैं मजबूर थी

घटना 1980 के दशक की है। रश्मि अग्रवाल पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय में गृह विज्ञान विभाग में…

प्यार आता है दबे पांव

बालकनी की कुर्सी पर निढ़ाल बैठी सुषमा का मन उदासी से भर गया। अभी – अभी…

यह कैसा झूट ?

झूठ अपने द्वारा खरीदी प्रत्येक वस्तु का मूल्य, उसके वास्तविक मूल्य से बढ़ा – चढ़ा कर…

लघु कथा : आज तक ऐसा कोई नहीं मिला जो, इतनी इज़्ज़त दे हम जैसे लोगो को

कल मैं रिक्शे से घर आई…मैंने रिक्शे वाले से पूछा- भैय्या आपके बच्चे हैं, अगर बुरा…

पहला प्यार के नशे में आज भी जी रही हूँ

चार वर्ष पूर्व मैं बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। उस दिन मैं सावन की पहली…

लघु कथा : प्रेम का मरहम

शादी के 3 महीने बाद ही जिया को पता चला कि उसके पति मिहिर का किसी…

आए दिन कितने लोग बेमौत मर रहे हैं !

ओह , “आए दिन कितने लोग बेमौत मर रहे हैं।“ मैने अखबार एक तरफ पटकते हुए…

लघुकथा : आंसू की जुबान

रमा की सास ने आज उसे पीटा और उसके मां बाप के नाम पर घंटों गालियां…

कहानी : प्रियतम पर खुफियागिरी क्यों ?

उस  दिन  सुदेश कुछ देर  को  बाहर  चला  गया था और मैं  उसके कमरे में अकेली…

मेरी सुहागरात : पता न चला, रात सरक गयी

मैं तो यही कहूंगी – ’सुहागरात’ युवती के जीवन की एक ऐसी रात होती है, जिसमें…